तो क्या पिक्चर अभी बाकी है.. काशीपुर की सियासत में “पिक्चर पॉलिटिक्स” का ट्रेलर रिलीज — टिकट की जंग से पहले स्टारकास्ट तैयार, पढ़िए काशीपुर की राजनीति पर विकास गुप्ता की स्पेशल रिपोर्ट

काशीपुर ( विकास गुप्ता)।उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सियासी तापमान चढ़ने लगा है। चाहे भारतीय जनता पार्टी हो या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस — दोनों ही दल अपने-अपने मोहरे सजाने में जुट गए हैं। लेकिन इन सबके बीच काशीपुर सीट की राजनीति इस समय किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं दिख रही। राज्य गठन के बाद से इस सीट पर दबदबा रहा है हरभजन सिंह चीमा परिवार का। पांच चुनावों में उन्होंने स्वयं चार बार जीत दर्ज कर राजनीतिक किला ऐसा मजबूत किया कि पिछली बार विरासत बेटे त्रिलोक सिंह चीमा को सौंप दी — और तमाम अंदरूनी विरोध के बावजूद जीत का झंडा भी बुलंद रहा।अब जबकि एक बार फिर चुनावी माहौल बनना शुरू हो चुका है तो काशीपुर भाजपा कि सियासत का अब नया ट्रेंड है — “पिक्चर पॉलिटिक्स”
हाल ही में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने समर्थकों और करीबियों संग राष्ट्रभक्ति फिल्म दिखाकर “गेट-टुगेदर” किया। आधिकारिक बयान भले ही मेल-मिलाप का रहा, मगर राजनीतिक गलियारों में इसे 2027 की चुनावी रणनीति का साइलेंट ट्रेलर माना जा रहा है।
उधर काशीपुर के मेयर दीपक बाली भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने बीते दिन गौ संरक्षण विषय पर आधारित फिल्म दिखाकर स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं, पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सामूहिक स्क्रीनिंग की। दोनों ही नेताओं का संदेश साफ — राजनीति में मंच ही नहीं, स्क्रीन भी अब रणनीति का हथियार है। आगामी विधानसभा चुनावों के लेकर बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है संभावित टिकट दावेदारों की चर्चा भी तेज है — वर्तमान विधायक के अलावा राम मेहरोत्रा, खिलेंद्र चौधरी और मेयर दीपक बाली के नाम सियासी गलियारों में घूम रहे हैं।इन सबके बीच काशीपुर की गलियों में चर्चा आम है वह यह कि काशीपुर की राजनीति में अभी सिर्फ ट्रेलर चला है…
फिल्म तो 2027 में रिलीज होगी, और दर्शक होंगे मतदाता। यानी साफ है कि पिक्चर अभी बाकी है मेरे..

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