
आरोप संदीप पर, गुड़िया परिवार की पहल से दोबारा टंगी चौधरी समर पाल की तस्वीर
काशीपुर। गांधी जयंती पर कांग्रेस के नवचेतना भवन में बड़ा बवाल खड़ा हो गया। बीते रोज भवन में लगी पूर्व सहकारिता मंत्री व किसान नेता स्व. चौधरी समर पाल सिंह की तस्वीर हटाए जाने का आरोप कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी रहे संदीप पर लगा है। सोशल मीडिया पर लोग इसकी निंदा कर रहे है। इस कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और खासतौर पर जाट समाज में गहरी नाराज़गी फैल गई। चौधरी समर पाल सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे और एन.डी. तिवारी सरकार में मंत्री पद संभालते हुए किसानों की आवाज़ बुलंद की थी। बीते निगम चुनाव में उनकी पुत्री मुक्ता सिंह भले ही भाजपा में शामिल हो गई हों, लेकिन काशीपुर कांग्रेस ने उनकी विरासत को नवचेतना भवन की गैलरी में सम्मान दिया था। तस्वीर हटाए जाने के बाद सवाल खड़े होने लगे कि क्या कांग्रेस अपने ही दिग्गजों की धरोहर को भूल रही है? जैसे ही मामला तूल पकड़ता गया, कई कांग्रेसी और जाट समाज ने इस कदम की खुलकर निंदा की। स्थिति को शांत कराने के लिए गुड़िया परिवार बीच में आया और तस्वीर हटाने की घटना पर असहमति जताई। दबाव और निंदा के बाद आज सुबह तस्वीर को फिर से सम्मानपूर्वक उसी स्थान पर लगा दिया गया।
कांग्रेस खेमे में यह घटना अंदरूनी कलह की गवाही दे रही है। पार्टी का एक धड़ा इसे “व्यक्तिगत द्वेष की राजनीति” करार दे रहा है, वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की “गिरती परंपरा और अपनों से बेवफाई” बता रही है।
अब तस्वीर दोबारा टंगने से विवाद तो थम गया है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस की अंदरूनी सियासत और गुटबाज़ी को बेनकाब जरूर कर दिया है। उधर इस मामले में कांग्रेस नेता एड संदीप सहगल का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया पर संपर्क नहीं हो पाया।