
📰 काशीपुर में ई-रिक्शा पर निगम की नई सख्ती, अब लेना होगा डबल लाइसेंस
काशीपुर। अब नगर निगम क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाना आसान नहीं होगा। नगर निगम काशीपुर ने नई उपविधि लागू कर दी है, जिसके तहत ई-रिक्शा चालकों को आरटीओ लाइसेंस के साथ-साथ नगर निगम से भी अलग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। निगम ने इसके लिए ₹1000 वार्षिक शुल्क और ₹25 प्रतिदिन शुल्क तय किया है।नियमों के अनुसार न तो चालक शराब, नशीला पदार्थ या निषिद्ध द्रव का सेवन कर सकेगा और न ही नशे की हालत में कोई सवारी ई-रिक्शा में बैठ पाएगी। इस प्रकार पहली बार नगर निगम ने न केवल चालकों बल्कि यात्रियों पर भी नशे की रोकथाम को लेकर सख्त प्रावधान किया है।सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को राजकीय मुद्रणालय से मिली गजट की प्रति (गजट खंड-26, संख्या-30 दिनांक 26 जुलाई 2025) में प्रकाशित “नगर निगम काशीपुर ई-रिक्शा उपविधि 2025” के मुताबिक:
- ई-रिक्शा चालक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- चालक का स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए और उसे किसी संक्रामक बीमारी से ग्रसित नहीं होना चाहिए।
- रिक्शा केवल यातायात विभाग द्वारा चिन्हित मार्गों पर ही चलाया जा सकेगा।
- बिना लाइसेंस पकड़े जाने पर ₹25 प्रतिदिन अतिरिक्त अर्थदंड और नियम उल्लंघन पर ₹1000 जुर्माना लगाया जाएगा।
- बार-बार उल्लंघन की स्थिति में प्रतिदिन ₹200 जुर्माना, अधिकतम ₹5000 तक।
- लाइसेंस का नवीनीकरण हर साल 31 मार्च से पहले ₹500 में करना होगा, देरी पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ई-रिक्शा चालकों को पहचान पत्र नगर निगम नहीं बल्कि निजी ठेकेदार जारी करेगा। उपविधि में ठेकेदार की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि ठेकेदार पहचान पत्र वितरण और लिस्ट अपडेट कर निगम को देगा, जबकि लाइसेंस का नवीनीकरण निगम से ही होगा। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि लाइसेंस निलंबित या रद्द होने पर चालक 15 दिन के भीतर नगर आयुक्त के पास अपील कर सकता है, जिसका निर्णय अंतिम माना जाएगा। इस नई व्यवस्था से काशीपुर के हजारों ई-रिक्शा चालकों में हलचल मच गई है। निगम का कहना है कि यह कदम व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी है, जबकि चालक इसे अपनी आजीविका पर अतिरिक्त बोझ बता रहे हैं।