मेयर दीपक बाली की दो टूक “शहर विकास की राह पर, गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं” एक्सक्लूसिव खबर

काशीपुर। ( सिटी न्यूज काशीपुर) महापौर दीपक बाली ने  अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में ई-रिक्शा चालकों के रजिस्ट्रेशन शुल्क का विरोध जैसे मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि नगर निगम की यह पहल ई-रिक्शा चालकों के हित में है। उन्होंने बताया कि शहर में करीब 8,000 ई-रिक्शा चल रहे हैं, जबकि रजिस्टर्ड केवल 4,000 ही हैं। कई लोगों ने ठेकेदारी व्यवस्था बना रखी है और सैकड़ों ई-रिक्शा खरीदकर दिहाड़ी पर चलवा रहे हैं। इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने और पारिवारिक स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ही नगर निगम ने रजिस्ट्रेशन शुल्क और नियम लागू किए हैं।

     24 सितंबर से 8 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन

महापौर ने बताया कि ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 24 सितंबर से 8 अक्टूबर तक नगर निगम में चलेगी।

एक नाम से केवल एक ही ई-रिक्शा रजिस्टर्ड होगा।

पहले वर्ष रजिस्ट्रेशन शुल्क ₹1000 और उसके बाद हर साल नवीनीकरण शुल्क ₹500 रखा गया है।

उन्होंने कहा कि इस शुल्क से चालकों के लिए हेल्थ कैंप, स्टैंड, पीने का पानी और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

“गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी”

महापौर दीपक बाली ने कहा –

“शांतिपूर्ण विरोध हर किसी का अधिकार है, लेकिन हड़ताल के नाम पर जबरन ई-रिक्शा चालकों को रोकना और मारपीट करना गुंडागर्दी है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

      अली खां प्रकरण पर कड़ा संदेश

पत्रकारों के सवाल पर महापौर ने अली खां की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि परसों हुई घटना में पुलिस पर हमला, वाहनों में तोड़फोड़ और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की गई है। सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है। बाकी आरोपियों पर भी जल्द कड़ी कार्रवाई होगी। महापौर ने साफ कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार है, लिहाज़ा कानून हाथ में लेने वालों को कतई नहीं बख्शा जाएगा।

जनता से अपील

महापौर ने अंत में जनता और ई-रिक्शा चालकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नगर निगम की व्यवस्था में सहयोग करें और शहर को भयमुक्त बनाए रखने में योगदान दें।