
काशीपुर।( तनीषा गुप्ता) काशीपुर की सड़कों पर जाम और अराजकता का सबसे बड़ा कारण आजकल बन गया है ई-रिक्शा। कभी ये छोटे वाहन शहरवासियों के लिए सुविधा का पर्याय थे, लेकिन अब ये शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए सच्चे सिरदर्द बन चुके हैं।
बढ़ते काशीपुर शहर में वर्तमान में लगभग 8,000 ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। इन पर लगाम लगाने के उद्देश्य से काशीपुर पुलिस ने पूर्व में ई रिक्शा चालकों का सत्यापन किया इस दौरान सभी को परिचय पत्र और नंबर दिए, जिसे वाहन पर रखना अनिवार्य था। कुछ समय तक सब ठीक चला, लेकिन जल्दी ही यह व्यवस्था ढाक के तीन पात साबित हुई। इतना ही नहीं उससे पूर्व पुलिस द्वारा ई-रिक्शा रूट निर्धारण किया गया पर उसका भी पालन नहीं हुआ। नतीजा यह रहा कि इनकी संख्या बढ़ती चली गई जो आज काशीपुर के लिए नासूर बनती जा रही है। काशीपुर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर होने के कारण कई बार बाहरी राज्य के लोग यहां आकर ठेकेदारों से ई-रिक्शा किराए पर चलाते है ठेकेदार भी चंद मुनाफे के लालच में इन्हें रिक्शा बिना सत्यापन किए दे देता है ऐसे में कभी कभी इनकी आड में अपराधिक प्रवृत्ति वाले लोग भी सक्रिय हो जाते हैं। आज ई रिक्शा एक सुविधा की जगह परेशानी का कारण बनता जा रहा है कई बार यात्रियों से बेवजह विवाद और मनमाना किराया वसूलना आम बात बन गया है। यही वजह रही कि शहरवासियों की शिकायतें बढ़ती गईं और नगर निगम मेयर बनने के बाद दीपक बाली ने अब सख्त कदम उठाने का फैसला किया। इसी के चलते नगर निगम काशीपुर ने अब नई उपविधि लागू कर दी है, जिससे ई-रिक्शा चलाना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। अब जहां चालकों को आरटीओ लाइसेंस के साथ नगर निगम से विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा तो वहीं वार्षिक ₹1,000 और प्रतिदिन ₹25 शुल्क निर्धारित किया गया है। इतना ही नहीं अब ई रिक्शा चालक न तो शराब, नशीला पदार्थ या निषिद्ध द्रव का सेवन कर वाहन चला सकेंगे और न ही नशे की स्थिति में कोई सवारी ई-रिक्शा में नहीं बैठ सकेगी।
मेयर दीपक बाली के तेवर सख्त है संदेश साफ है और वह है काशीपुर की विकास की राह पर नो कम्प्रोमाइज
उधर नई नियमावली के बाद ई-रिक्शा चालक विरोध में आ गए हैं। उनका कहना है कि लाइसेंस, शुल्क और नशा नियम उनके लिए चुनौतीपूर्ण हैं। उधर दीपक बाली के दृढ़ फैसले से अब ई-रिक्शा चालकों और नगर निगम के बीच नई जंग की संभावना बढ़ गई है। लेकिन काशीपुरवासियों के लिए यह कदम सुरक्षा, सुविधा और शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। वहीं अगर काशीपुर वालों की बात करें तो वह मेयर के इस कदम से काफी खुश हैं। उनका मानना है कि अगर नियम सही ढंग से लागू हुआ तो शहरवासियों की जिंदगी आसान होगी, जाम और अव्यवस्था कम होगी और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी।