
काशीपुर ( सिटी न्यूज काशीपुर/विकास गुप्ता)। “नो टेंशन, ये मुसीबतों की आखिरी बारिश होगी” बीती रात्रि जब यह शब्द मेयर दीपक बाली ने मुख्य बाजार में नालियों के चौड़ीकरण निर्माण का निरीक्षण करने के दौरान मौजूद लोगों से कही, तो वहां भारी संख्या में मौजूद लोगों का विश्वास और उम्मीद अपने लोकप्रिय नेता के लिए एक फिर बढ़ गई। ये शब्द जिसनें भी सुना उसने एक ही उत्तर दिया “हमें आप पर भरोसा है मेयर साहब”। लेकिन इन शब्दों के साथ ही एक बार फिर शुरू हो गई काशीपुर की जलभराव राजनीति।
मानसून सीजन की शुरुआत हो चुकी है इसके साथ ही मेयर दीपक बाली की जनता की कसौटी पर खरा उतरने की परीक्षा भी, दरअसल काशीपुर की राजनीति में जलभराव हमेशा ही मुख्य मुद्दों में से एक रहा है पिछले कई दशक से काशीपुर नगर पालिका चुनाव से लेकर निगम चुनाव तक, विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक सभी नेताओं के चुनावी वादों में यह मुद्दा प्रमुखता में भले ही रहा हो पर कोई भी नेता अपने इस वादे पर खरा नहीं उतर पाया यानी काशीपुर की जनता को जलभराव की समस्या से मुक्ति नहीं मिल पाई। काशीपुर बढ़ता गया तो साथ ही जलभराव भी बढ़ता गया। काशीपुर की वर्तमान राजनीति इस समय मेयर दीपक बाली के इर्द गिर्द चल रही है उनकी कार्य शैली से जनता में उनकी छवि एक विश्वास वाले नेता के रूप में बढ़ रही है। दीपक बाली के काम करने का अंदाज देख लोगों में उम्मीद जगने लगी है। दीपक बाली की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षियों के साथ ही उनकी अपनी ही पार्टी में उनके विरोधी नेताओं की पेशानी पर बल पड़े हुए है। विपक्षी उनके खिलाफ मौके की तलाश में है। वह भविष्य में काशीपुर में जलभराव को लेकर मेयर दीपक बाली को घेरने के प्रयास में है। ये बात बाली भली भांति जानते है यही वजह है कि वह विरोधियों को कोई मौका नहीं देना चाहते है वह काशीपुर की जनता को जलभराव से मुक्ति दिलाने की ठान चुके है। मात्र चार माह के कार्यकाल वह जलभराव न हो इसको लेकर सभी प्रयास कर रहे है उनके इन्हीं प्रयासों में जहां बड़े से लेकर छोटे नालों की तली झाड़ सफाई हो या नगर के ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक रूपस विकसित करना हो वह सभी काम तेजी से कर रहे है। इन्हीं के बीच अब एक चुनौती पूर्ण निर्णय भी बाली ने लिया है
वह है मुख्य बाजार और स्व सत्येंद्र चंद्र गुड़िया मार्ग पर नालियों के चौड़ीकरण का निर्णय। दीपक बाली साफ कह चुके है कि ये बारिश मुसीबतों की आखिरी बारिश होगी, उनके इन शब्दों पर जनता को विश्वास है
यही वजह है कि दोनों मुख्य मार्गों के लोगों ने उनके इस निर्णय का तनिक भी विरोध नहीं किया क्योंकि उन्हें भरोसा है अपने नेता के निर्णय पर, उन्हें पता है कि इस निर्णय से उन्हें कुछ परेशानी जरूर होगी लेकिन भविष्य की जलभराव की सभी परेशानियां खत्म भी हो जाएग