
काशीपुर ( सिटी न्यूज काशीपुर/विकास गुप्ता)। एक बार फिर काशीपुर के चुनाव में भाजपा के हाथों कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। वर्षों से जीत के लिए तरस रही कांग्रेस एक बार फिर हार का दंश झेलने के बाद सदमे में है। कांग्रेसी समझ नहीं पा रहे कि उनकी तरकश के सबसे बड़े तुरुप के इक्के को आखिर हार का सामना कैसे करना पड़ा। हार मिलने के बाद चुनावी मंथन शुरू हो चुका है। वरिष्ठ से लेकर कनिष्ठ तक सभी कांग्रेसी हार के कारणों की वजह जानने में जुटे है।
तो क्या मुशर्रफ हुसैन बने हार का कारण!
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कांग्रेस को मिली इस हार में जो मुख्य कारण सामने आ रहे है उनमें से एक बड़ा कारण वर्तमान महानगर अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन को माना जा रहा है। सिटी न्यूज काशीपुर द्वारा जब इस बाबत स्थानीय कांग्रेस के कई नेताओं व कार्यकर्ताओं से वार्ता की गई तो उनमें से अधिकतर का कहना था कि कांग्रेस प्रत्याशी संदीप सहगल का व्यक्तित्व निसंदेह पार्टी पर शुरू से ही भारी पड़ता दिख रहा था लोग कांग्रेस की अपेक्षा संदीप पर भरोसा जताने को तैयार थे परंतु मुशर्रफ हुसैन की कार्यशैली की वजह से वह जीत पाने को लेकर चूक गए। भाजपा ने संदीप सहगल की जगह मुशर्रफ को ढाल बनाकर रणनीति बनाई, जिसमें वह कामयाब हो गए। चुनाव के दौरान मुशर्रफ हुसैन के वायरल वीडियो के कारण हिंदुओं का वोट एक बार फिर भाजपा की झोली में जा गिरा। कुछ कांग्रेसियों ने हार का ठीकरा मुशर्रफ हुसैन पर फोड़ते हुए उन्हें महानगर अध्यक्ष पद से तुरंत हटाए जाने की मांग शुरू कर दी है।
कांग्रेस में भीतरघात से भी बिगड़ा खेल
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उधर चुनाव के दौरान कांग्रेस के कुछ नेताओं को उनकी अनदेखी भी रास नहीं आई। दरअसल चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी संदीप सहगल का चुनावी मैनेजमेंट उनके करीबियों के हाथ में था जो कुछ कांग्रेसियों को नहीं भाया और उन्होंने जमकर भीतरघात किया। फिलहाल चुनाव निपट चुका है और काशीपुर में एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। ऐसे में कांग्रेस के आगे अब अगले चुनावों को लेकर बड़ी दुविधा भी हो गई है।