“मंच पर जीता ताज, दिलों में जीता विश्वास” जानिए, उर्वशी दत्त बाली का प्रेरक सफर”

काशीपुर। कहते हैं सपनों को पंख तभी मिलते हैं, जब परिवार का आकाश साथ खड़ा होता है। इसी सच्चाई को जीकर दिखाया है काशीपुर की बेटी और D’Bali ग्रुप की डायरेक्टर श्रीमती उर्वशी दत्त बाली ने। बीते वर्ष जयपुर में आयोजित नेशनल ब्यूटी प्रेजेंट 2024 इंडिया प्लेटफॉर्म पर विनर बनकर उन्होंने काशीपुर का नाम रोशन किया था। अब उत्तराखंड हिंदू वाहिनी संगठन महिला प्रकोष्ठ ने पापाज बेकर्स पर आयोजित भव्य सम्मान समारोह में एक बार फिर उन्हें सम्मानित कर समाज को संदेश दिया कि असली सुंदरता केवल चेहरे पर नहीं, बल्कि हौसले और संस्कारों में छिपी होती है। सम्मान ग्रहण करते हुए उर्वशी दत्त बाली भावुक हुईं और कह “काशीपुर की हर महिला सुंदर है। मुझे सिर्फ इसीलिए क्राउन मिला क्योंकि मैंने साहस और मेहनत की। लेकिन असल जीत मेरी नहीं, हर उस बहन की है जो परिवार को साथ लेकर सपनों की उड़ान भरती है।” उनकी बातें दिल को छू गईं, जब उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के पाँच दिनों में बेटी से दूर रहना सबसे कठिन चुनौती थी। “15 साल में मैंने अपनी बेटी को कभी अकेला नहीं छोड़ा था। उस दौरान दीपक जी ने जिस तरह बेटी को संभाला और सब कुछ मैनेज किया, वह मेरे लिए गर्व का विषय था। तभी समझ आया कि सपनों की उड़ान तभी आसान होती है, जब परिवार साथ हो।”उर्वशी बाली का जीवन सिर्फ मंच की रोशनी तक सीमित नहीं है। मुंबई में D’Bali मूवीज़ के माध्यम से उन्होंने जैकी श्रॉफ, शक्ति कपूर, बीना मलिक और विजय राज जैसे सितारों के साथ काम किया। वहीं उन्होंने नज़दीक से देखा कि कैसे कई महिलाएँ परिवार से लड़कर सपनों को पाने निकलती हैं, लेकिन जब हालात कठिन हो जाते हैं, तो वही परिवार उनकी सबसे बड़ी ढाल बनता है।उन्होंने बड़े सादे शब्दों में एक गहरी बात कही—
“न तो कोई पुरुष बुरा है, न ही कोई महिला। दोनों ही घर को बनाने के लिए पूरक हैं। जब अहंकार छोड़कर समझदारी और सम्मान के साथ चलते हैं, तभी रिश्ते और समाज मज़बूत बनते हैं।”और अंत में उनकी मुस्कान के साथ निकले शब्द पूरे हॉल में गूंजे—
“यह अधूरी सच्चाई है कि एक कामयाब आदमी के पीछे औरत का हाथ होता है। पूरी सच्चाई यह है कि एक कामयाब औरत के पीछे भी एक समझदार पति का साथ होता है। तभी ज़िंदगी मुकम्मल बनती है।” श्रीमती उर्वशी दत्त बाली ने अपने अनुभवों से यह साबित किया है कि सच्ची सुंदरता वह है, जो रिश्तों में सम्मान, सपनों में हौसला और जीवन में परिवार का साथ ढूंढ ले।

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